भारत सरकार द्वारा छोटे डेयरी फार्म स्थापित करने को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सितंबर 2010 से डेयरी उद्यमिता विकास योजना (DEDS) प्रारंभ की गई।
योजना का उद्देश्य
स्वच्छ दूध के उत्पादन हेतु आधुनिक डेयरी फार्मों की स्थापना को बढ़ावा देना।
बछिया पालन को प्रोत्साहित कर अच्छी नस्ल के पशुधन का संरक्षण करना।
असंगठित क्षेत्र में संरचनात्मक परिवर्तन लाकर दूध का प्रारंभिक प्रसंस्करण ग्राम स्तर पर सुनिश्चित करना।
वाणिज्यिक स्तर पर दूध के प्रबंधन हेतु गुणवत्ता और पारंपरिक तकनीक का उन्नयन करना।
स्वरोज़गार के अवसर सृजित करना तथा विशेषकर असंगठित क्षेत्र के लिए आधारभूत संरचना उपलब्ध कराना।
SHG-BLP के अंतर्गत बैंक एवं SHG सदस्यों को होने वाले लाभ
प्रभावी ग्रामीण ऋण वितरण प्रणाली।
पात्रता
किसान, व्यक्तिगत उद्यमी तथा स्वयं सहायता समूह (SHG) इस योजना के अंतर्गत ऋण सुविधा प्राप्त करने के लिए पात्र हैं। कोई भी व्यक्ति योजना के प्रत्येक घटक के लिए केवल एक बार सहायता प्राप्त कर सकता है। एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्यों को सहायता दी जा सकती है, बशर्ते वे अलग-अलग स्थानों पर अलग अवसंरचना स्थापित करें। ऐसे दो फार्मों की सीमाओं के बीच की दूरी कम से कम 500 मीटर होनी चाहिए।