स्वच्छ दुग्ध उत्पादन हेतु आधुनिक डेयरी फार्मों की स्थापना को प्रोत्साहित करना।
दूध को वाणिज्यिक स्तर पर संभालने हेतु पारंपरिक तकनीक का उन्नयन करना।
• स्वरोजगार के अवसर सृजित करना तथा मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र के लिए अवसंरचना उपलब्ध कराना।
पात्रता
किसान, व्यक्तिगत उद्यमी तथा स्वयं सहायता समूह (SHG) इस योजना के अंतर्गत ऋण सुविधा प्राप्त करने के लिए पात्र हैं। कोई भी व्यक्ति योजना के प्रत्येक घटक के लिए केवल एक बार सहायता प्राप्त कर सकता है। एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्यों को सहायता दी जा सकती है, बशर्ते वे अलग-अलग स्थानों पर अलग अवसंरचना स्थापित करें। ऐसे दो फार्मों की सीमाओं के बीच की दूरी कम से कम 500 मीटर होनी चाहिए।